ग्रहदोष खत्म करने के लिए पोते की बलि दी:प्रयागराज में प्रॉपर्टी डीलर ने हाथ-पैर, धड़ काटकर अलग किए, बोला- तांत्रिक ने कहा था
1 day ago

प्रयागराज में प्रॉपर्टी डीलर ने तांत्रिक के जाल में फंसकर 17 साल के पोते की बलि दे दी। सोमवार को आरोपी ने स्कूल जाते वक्त बच्चे को किडनैप किया। मुंह दबाकर घर में ले गया। वहां तंत्र-मंत्र किया और बच्चे की हत्या कर दी। फिर हाथ-पैर और धड़ काटकर अलग कर दिए। हाथ-पैर को जंगल में, जबकि धड़ को पॉलिथीन में लपेटकर नाले में फेंक दिया। बेटा शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने स्कूल में फोन किया। पता चला कि वह स्कूल पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद परिजनों ने थाने में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने 2 टीमें बनाकर जांच शुरू की। 200 CCTV खंगाले, लेकिन आरोपी का पता नहीं चला। जांच के दौरान एक महिला ने पुलिस को बताया- मैंने एक व्यक्ति को नाले में शव फेंकते हुए देखा है। इसके बाद पुलिस ने वहां का CCTV खंगाला, जिसमें आरोपी नजर आया। आरोपी की पहचान बच्चे के दादा सरन सिंह के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने बुधवार को उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल लिया। उसने बताया- मेरी बेटी और बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। इससे मैं गहरे सदमे में था। मैंने तांत्रिक से संपर्क किया, जिसने कहा कि अगर वह अपने बेटे या बेटी की उम्र के किसी किशोर की बलि दे तो उसके सारे ग्रहदोष समाप्त हो जाएंगे। इसके चलते मैंने बच्चे की हत्या कर दी। घटना औद्योगिक थाना क्षेत्र के हाईटेक सिटी में कुरिया लवायन के पास की है। 2 तस्वीरें देखिए- मां बोली- बेटा घर से स्कूल के लिए निकला, फिर लौटा नहीं
11वीं में पढ़ने वाले पीयूष के पिता अजय सिंह की मौत हो चुकी है। वह मां कामिनी और दो बड़े भाइयों समीर सिंह और ध्रुव के साथ सदियापुर गुरुद्वारे के पास रहता था। करेली के सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ता था। पीयूष के बगल में ही आरोपी सरन का घर है। पीयूष की मां कामिनी ने पुलिस को बताया- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे बेटा स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। रोजाना दोपहर 2:30 बजे तक लौट आता था, लेकिन उस दिन वापस नहीं आया। हमने फोन करके स्कूल में पता किया। वहां से बताया गया कि बेटा आज स्कूल पहुंचा ही नहीं है। इसके बाद मैंने उसके दोस्तों को फोन किया। उन्हें भी बेटे के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बाद मैंने थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 2 टीमों का गठन किया और बच्चे के स्कूल जाने वाले रास्ते के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। 200 सीसीटीवी खंगाले गए, लेकिन पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिला। बच्चे का शव फेंकते आरोपी को महिला ने देखा
इसी बीच, एक महिला ने पुलिस को बताया- मैंने एक व्यक्ति को नाले में शव फेंकते हुए देखा है। मैंने उससे पूछा कि क्या फेंक रहे हो? इस पर युवक जल्दी से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने वहां का सीसीटीवी खंगाला, जिसमें आरोपी नजर आया। पुलिस ने परिजनों को सीसीटीवी दिखाए तो उन्होंने आरोपी की पहचान बच्चे के दादा सरन सिंह के रूप में की। इसके साथ ही नाले से धड़ को बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को वहां से काले रंग की पॉलीथिन और इत्र की शीशी भी मिली। आरोपी को थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बच्चे के हाथ-पैर को घर से करीब 10 किमी दूर करेंहदा के जंगल से बरामद किए। अब आरोपी का कबूलनामा पढ़िए- आरोपी ने पुलिस को बताया- कुछ समय पहले मेरी बेटी और बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। इससे मैं परेशान था। इसी बीच मैं एक तांत्रिक से मिला। उसने कहा- अगर वह अपने बेटे या बेटी की उम्र के किसी किशोर की बलि दे तो उसके सारे ग्रहदोष समाप्त हो जाएंगे। इसी के चलते मैंने पीयूष की हत्या की योजना बनाई। कई दिनों से उसे किडनैप करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सफल नहीं हुआ। मंगलवार को जब वह स्कूल के लिए निकला, मैंने पीछे से उसे दबोच लिया और मुंह दबाकर घर में ले आया। वहां तांत्रिक के बताए अनुसार तंत्र-मंत्र किया। इसके बाद पीयूष के हाथ-पैर और सिर काट दिए। हाथ-पैर को करेड़ा जंगल में और धड़ को स्कूटी पर रखकर औद्योगिक क्षेत्र के नाले में ले जाकर फेंक दिया। भाई बोला- दादा पहले चोरी करते थे, तंत्र-मंत्र में हत्या की पीयूष के बड़े भाई ध्रुव ने बताया- दादा सरन सिंह पहले चोरी किया करते थे। बाद में प्रॉपर्टी का काम करने लगे। बेटे-बेटी की मौत के बाद तंत्र-मंत्र भी करने लगे। अब उन्होंने मेरे भाई को किडनैप करके हत्या कर दी। मेरी मांग है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें... पत्नी को बदनाम किया, अब टूटा चुका हूं:भाई-दोस्त ने भी धोखा दिया, यूपी में पत्नी-बेटे संग जान देने वाले कारोबारी का सुसाइड नोट ‘जब यह लेटर किसी को मिलेगा, तब तक मैं सचिन ग्रोवर, मेरी पत्नी शिवांगी, मेरा बेटा फतेह मेरी जान, मेरा जहान सबकुछ खत्म हो चुका होगा। मेरी लाइफ तब से बर्बाद हुई, जब मैंने बरेली में बिजनेस करने की सोची। पूरी खबर पढ़ें..
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